Google के AMIE चैटबॉट का अर्जेंट केयर विज़िट से पहले 98 मरीज़ों पर परीक्षण
Google के अनुसार, पहले से तय सुरक्षा मानदंडों के तहत चैटबॉट की किसी भी बातचीत को रोकना नहीं पड़ा, और उसके संभावित निदान 90% मामलों में डॉक्टरों के अंतिम निदान से मेल खाए।
AI चित्रणGoogle के डायग्नोस्टिक रिसर्च चैटबॉट AMIE का परीक्षण 98 मरीज़ों पर किया गया, जिन्होंने अपने अर्जेंट केयर विज़िट से पहले उससे परामर्श किया। कंपनी ने कहा कि पहले से तय सुरक्षा मानदंडों के तहत किसी भी बातचीत को रोकना नहीं पड़ा।
Google और Beth Israel Deaconess Medical Center (BIDMC) के शोधकर्ताओं ने मेडिकल सेंटर के प्राइमरी केयर क्लिनिक में यह अध्ययन किया, जहाँ पर्यवेक्षक चिकित्सक बातचीत को रियल टाइम में देख रहे थे। यह शोध 8 अक्टूबर को एक जर्नल में प्रकाशित हुआ। Google ने कहा कि उस जर्नल में यह कंपनी का पहला शोधपत्र है। कंपनी ने इसे इस बात की उत्साहजनक शुरुआती झलक बताया कि क्या AI मरीज़ों के डॉक्टर से मिलने से पहले उनकी ज़रूरतों का सुरक्षित रूप से आकलन कर सकता है।
चिकित्सकों ने कहा कि AI द्वारा तैयार किए गए सारांशों ने 75% मामलों में उन्हें विज़िट की तैयारी में मदद की और आधे से अधिक मामलों में देखभाल के प्रति उनके दृष्टिकोण को प्रभावित किया। Google के अनुसार, डॉक्टरों के अंतिम निदान 90% बार AMIE के संभावित निदान से मेल खाए।
Google ने कहा कि मरीज़ों से सीधे और बड़े पैमाने पर जुड़ने वाले AI का मूल्यांकन करने के लिए बड़े क्लिनिकल ट्रायल ज़रूरी हैं। उसने कहा कि निष्कर्ष बताते हैं कि AI में मरीज़ों और चिकित्सकों के बीच संबंध को बेहतर बनाने और स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव कम करने की क्षमता है।