नया ऑर्गेनॉइड केंद्र संभावित कोशिका-आधारित उपचारों पर शोध में सहायता करेगा
म्यूनिख की टेक्निकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता सूक्ष्म अंग संरचनाओं और संभावित उपचारों का अध्ययन कर रहे हैं।
AI चित्रणम्यूनिख की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने सूक्ष्म अंग संरचनाओं पर शोध के लिए एक केंद्र खोला है। COS के शोधकर्ता स्टेम कोशिकाओं या मानव ऊतक से इन ऑर्गेनॉइड को विकसित करते हैं और TUM यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के सहयोगियों के साथ मिलकर संभावित उपचारों को नैदानिक उपयोग के करीब लाने में मदद करते हैं।
ऑर्गेनॉइड त्रि-आयामी संरचनाएँ हैं, जो आम तौर पर आपस में क्रिया करने वाले कई प्रकार की कोशिकाओं से बनी होती हैं। इनकी संरचना और बनावट के कारण ये शरीर की प्रक्रियाओं को पारंपरिक कोशिका संवर्धनों की तुलना में अधिक सटीक रूप से दोहरा सकते हैं। इनमें कोशिकाओं के प्रकार कम होने से शोधकर्ता पशु मॉडलों की तुलना में प्रयोगों को अधिक आसानी से नियंत्रित भी कर सकते हैं।
मैथियास हेब्रोक, एप्लाइड स्टेम सेल एवं ऑर्गेनॉइड सिस्टम्स के प्रोफ़ेसर और COS के निदेशक, को उम्मीद है कि शोधकर्ता अंततः ऐसे सूक्ष्म अंग विकसित कर पाएँगे जो अपने जैविक समकक्षों के गुणों को पूरी तरह दोहराते हों। यह अभी एक अपेक्षा ही है, क्योंकि शोधकर्ता जिन अंग-कार्यों को दोहरा सकते हैं, उनका दायरा लगातार बढ़ रहा है।
संभावित अनुप्रयोग मूलभूत शोध से आगे तक फैले हैं। ऑर्गेनॉइड-आधारित उपचार कोशिका-आधारित चिकित्सा के ज़रिए क्षतिग्रस्त अंग-कार्यों की जगह ले सकते हैं। अस्पताल के सहयोगियों के साथ यह सहयोग इन संभावित उपचारों को नैदानिक अभ्यास की ओर ले जाने में मदद के लिए है।